IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, बिहार, झारखंड, असम और राजस्थान प्रभावित।
नई दिल्ली: देशभर में मानसून अब तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और मूसलाधार वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
देशभर में मजबूत हो रहा है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण का असर भी देखने को मिल रहा है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच रही हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
असम-मेघालय समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
बिहार-झारखंड में झमाझम बारिश की संभावना
बिहार और झारखंड के अधिकांश जिलों में अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और किसानों को राहत मिलेगी।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार
मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में इन राज्यों में मानसून और सक्रिय होगा, जिससे खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में बदलेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई इलाकों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र-गोवा और गुजरात तट पर तेज बारिश
कोंकण, गोवा, दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों को सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेकर ही समुद्र में जाने की सलाह दी है।
दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों और घाट इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी।
पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बारिश की संभावना के चलते उमस में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
किसानों के लिए राहत की खबर
देश के अधिकांश कृषि प्रधान क्षेत्रों में हो रही बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल मानी जा रही है। विशेष रूप से धान, मक्का, सोयाबीन और दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां किसानों को जलभराव और फसलों के नुकसान से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।