Vidisha Agriculture Machinery News: मध्य प्रदेश का विदिशा जिला अब कृषि यंत्र निर्माण के क्षेत्र में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां निर्मित आधुनिक कृषि उपकरण न केवल देश के विभिन्न राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, बल्कि 10 से अधिक देशों में भी निर्यात हो रहे हैं। इससे प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों, युवाओं और किसानों को भी नए अवसर मिल रहे हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि कृषि यंत्र निर्माण उद्योग के विस्तार से मध्य प्रदेश आधुनिक कृषि तकनीक और कृषि उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
150 से अधिक इकाइयों में तैयार हो रहे आधुनिक कृषि यंत्र
विदिशा जिले में वर्तमान में करीब 150 कृषि उपकरण निर्माण इकाइयां संचालित हैं। यहां किसानों की जरूरतों के अनुसार विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र तैयार किए जाते हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- ग्रेडर
- लेवलर
- हाइड्रोलिक ट्रॉली
- कल्टीवेटर
- प्लाऊ
- लोडर
- डिलोडर
इन उपकरणों की गुणवत्ता और मजबूती के कारण इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
Breaking News, Jobs, Admit Card, Results & Weather: Etah Tak
10 से अधिक देशों में पहुंच रहे विदिशा के कृषि उपकरण
विदिशा में बने कृषि यंत्र अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वर्तमान में यहां निर्मित उपकरणों का निर्यात कई देशों में किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख हैं—
- मेडागास्कर
- नाइजीरिया
- सूडान
- यूगांडा
- घाना
- अल्जीरिया
- भूटान
- नेपाल
- बांग्लादेश
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
विदेशों में बढ़ती मांग से स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिल रहे हैं और निर्यात क्षमता भी मजबूत हो रही है।
छोटे स्तर से शुरू हुआ कारोबार, अब विदेशों तक पहुंच
उषा एग्रो के संचालक मानस गुप्ता के अनुसार उनके पिता ने वर्ष 1993 में छोटे स्तर पर कृषि यंत्र निर्माण का कार्य शुरू किया था। समय के साथ कारोबार का विस्तार हुआ और आज कंपनी के उपकरण 10 से अधिक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि—
- कंपनी का लगभग दो-तिहाई कारोबार भारत में होता है।
- करीब एक-तिहाई कारोबार विदेशों से आता है।
- कंपनी का वार्षिक कारोबार लगभग ₹4 करोड़ है।
मानस गुप्ता का कहना है कि राज्य सरकार की नीतियों और सहयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंचने में काफी मदद मिली है।
भारतीय कृषि के विकास को प्रभावित करने वाले प्रमुख कानून: चुनौतियां, प्रभाव और सुधार की जरूरत
जी-20 सम्मेलन से मिला वैश्विक बाजार का अवसर
मानस गुप्ता ने बताया कि सरकार की पहल पर उन्हें जी-20 सम्मेलन में भाग लेने का अवसर मिला, जहां उनके खर्च का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार ने वहन किया।
इससे विदेशी खरीदारों से संपर्क स्थापित करने और अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने में सहायता मिली।
कोरोना काल में शुरू हुआ उद्योग, आज लाखों का कारोबार
संजय उद्योग के संचालक विष्णु शर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कृषि उपकरण निर्माण का व्यवसाय शुरू किया था।
आज उनकी इकाई—
- कल्टीवेटर
- प्लाऊ
- ट्रैक्टर से जुड़े अन्य कृषि उपकरण
का निर्माण कर रही है।
उन्होंने बताया कि उनकी इकाई का वार्षिक कारोबार करीब ₹50 लाख तक पहुंच चुका है और उनके उत्पाद विदिशा के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में भी भेजे जा रहे हैं।
स्थानीय उद्योग कर रहे करोड़ों का कारोबार
विदिशा की मेसर्स किसान इंडस्ट्रीज और एग्रो स्मार्ट टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियां खेत की तैयारी से लेकर बुवाई, रोपाई और कटाई तक के लिए आवश्यक कृषि उपकरण तैयार कर रही हैं।
बताया गया कि एग्रो स्मार्ट टेक्नोलॉजी का वार्षिक कारोबार करीब ₹3 करोड़ है। कंपनी के अधिकांश ग्राहक मध्य प्रदेश के किसान और कृषि संस्थान हैं, जबकि अन्य राज्यों से भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।
हर विधानसभा क्षेत्र में खुलेंगे कृषि यंत्र किराया केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर राज्य सरकार कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
वर्तमान में प्रदेश में—
- 5,260 कृषि यंत्र किराया केंद्र संचालित हैं।
- हर वर्ष 1,060 नए केंद्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन केंद्रों के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को कम लागत पर आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
किसानों और उद्योग दोनों को होगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि यंत्र निर्माण उद्योग के विस्तार से कई सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे—
- किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से उपलब्ध होंगी।
- खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
- कृषि कार्यों में समय और श्रम की बचत होगी।
- फसल उत्पादकता बढ़ सकती है।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- मध्य प्रदेश का कृषि उपकरण उद्योग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगा।
शिक्षा सचिव बनते ही विवादों में घिरे नरेश पाल गंगवार, परिवार को सब्सिडी दिलाने के आरोपों पर उठे सवाल
निष्कर्ष
विदिशा का कृषि यंत्र निर्माण उद्योग आज मध्य प्रदेश की औद्योगिक और कृषि प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभर रहा है। स्थानीय उद्योगों की बढ़ती उत्पादन क्षमता, सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजनाएं और विदेशी बाजारों में बढ़ती मांग इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। यदि यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में विदिशा देश के प्रमुख कृषि उपकरण निर्माण केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है, जिसका सीधा लाभ किसानों, उद्योगों और स्थानीय रोजगार को मिलेगा।
Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और संबंधित अधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा साझा किए गए विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। योजनाओं और आंकड़ों में समय-समय पर सरकारी स्तर पर बदलाव संभव है।