नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए आयोजित हुआ जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम Narmadapuram Makhana Farming

Narmadapuram Makhana Farming: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि में विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा मखाना उत्पादन पर जिला स्तरीय सेमिनार एवं कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्मदापुरम, पन्ना और रायसेन जिले के करीब 200 किसानों ने भाग लिया और मखाना की वैज्ञानिक खेती से लेकर प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग तक की महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा


माखन नगर स्थित एम.पी. एग्रो फार्म में हुआ आयोजन

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एम.पी. एग्रो फार्म, बाबई (माखन नगर) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय सहायता प्राप्त मखाना बोर्ड के सहयोग से किया गया, जिसमें किसानों को मखाना की हार्वेस्टिंग (फसल कटाई) का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना और मखाना उत्पादन को आय का नया विकल्प बनाना था।

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किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती और बेहतर उत्पादन तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिन विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया, उनमें शामिल हैं—

  • मखाना की उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती
  • फसल प्रबंधन की आधुनिक तकनीक
  • रोग एवं कीट नियंत्रण
  • सिंचाई एवं पोषण प्रबंधन
  • मखाना की प्रोसेसिंग
  • वैल्यू एडिशन
  • ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग
  • बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पादन

विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा


दरभंगा के विशेषज्ञ ने साझा किया अनुभव

कार्यक्रम में बिहार के दरभंगा से आए मखाना विशेषज्ञ अमरजीत साहनी ने किसानों को मखाना उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई।

उन्होंने बताया कि बिहार लंबे समय से मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र रहा है और वहां विकसित वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर मध्य प्रदेश के किसान भी अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।

उन्होंने खेती की तैयारी, बीज चयन, उत्पादन तकनीक, कटाई और गुणवत्ता बनाए रखने के उपायों पर भी विस्तृत जानकारी दी। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा

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प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से बढ़ेगी कमाई

विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि केवल मखाना उत्पादन ही नहीं, बल्कि उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन से भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।

यदि किसान संगठित तरीके से अपने उत्पाद की मार्केटिंग करें और ब्रांड विकसित करें, तो उन्हें बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ जाती है। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा


रोग और कीट नियंत्रण पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

मखाना की फसल को रोगों और कीटों से सुरक्षित रखने के लिए भी किसानों को वैज्ञानिक उपाय बताए गए।

विशेषज्ञों ने समय पर निगरानी, संतुलित पोषण, उचित जल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हो सके। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा


पारंपरिक खेती के साथ मखाना अपनाने की अपील

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ मखाना उत्पादन को भी अपनाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ सकती है और बदलते कृषि बाजार में नई फसलों को अपनाना भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

मखाना की बढ़ती मांग को देखते हुए यह फसल किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का मजबूत माध्यम बन सकती है।

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बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुधीर पटेल, जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति के सभापति अजित मंडलोई, जनपद पंचायत अध्यक्ष सावित्रीबाई परनामे, शिवा राजपूत, रीता उईके, उप संचालक उद्यान तथा नर्मदापुरम, पन्ना और रायसेन जिले के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे बातचीत कर खेती से जुड़े सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।


मखाना खेती क्यों बन रही है किसानों की पसंद?

विशेषज्ञों के अनुसार मखाना एक उच्च मूल्य वाली फसल है, जिसकी मांग देश और विदेश दोनों बाजारों में लगातार बढ़ रही है। यदि किसान वैज्ञानिक तकनीकों, बेहतर प्रबंधन और उचित विपणन रणनीति अपनाएं, तो यह फसल उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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निष्कर्ष

नर्मदापुरम में आयोजित यह जिला स्तरीय मखाना प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वैज्ञानिक खेती, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग की जानकारी मिलने से किसानों को भविष्य में मखाना उत्पादन से अधिक लाभ कमाने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि मध्य प्रदेश में मखाना उत्पादन को भी नई पहचान मिल सकती है। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा

Disclaimer: यह लेख जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी नई फसल की व्यावसायिक खेती शुरू करने से पहले किसान अपने क्षेत्र के कृषि या उद्यानिकी विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें। नर्मदापुरम में मखाना खेती को बढ़ावा

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