13 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 20680 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद का नया रिकॉर्ड

13 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 20,680 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद का नया रिकॉर्ड

Introduction

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए रबी विपणन सीजन 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हो रहा है। राज्य सरकार ने एक ओर जहां रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं की खरीद की है, वहीं दूसरी ओर लाखों किसानों के बैंक खातों में खरीदी गई उपज का भुगतान भी सीधे ट्रांसफर कर दिया है। इससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिली है और उनकी अगली कृषि गतिविधियों के लिए पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

राज्य सरकार के अनुसार अब तक 13 लाख से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है और उनके खातों में 20,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। इसके साथ ही प्रदेश ने गेहूं खरीद के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है।

मध्य प्रदेश ने बनाया गेहूं खरीद का नया रिकॉर्ड

मध्य प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दौरान राज्य ने नया रिकॉर्ड बनाया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार अब तक लगभग 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश देश में गेहूं खरीद के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में सर्वाधिक संख्या में किसानों को समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिला है।

13 लाख से अधिक किसानों को मिला सीधा लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 10 हजार से अधिक किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपना गेहूं बेचा है।

इन किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजा गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रही और भुगतान प्रक्रिया तेज हुई।

किसानों को मिले प्रमुख लाभ

  • समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद
  • सीधे बैंक खाते में भुगतान
  • राज्य सरकार की ओर से बोनस राशि
  • खरीद केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
  • खरीद अवधि में विस्तार

किसानों के खातों में भेजे गए 20,680 करोड़ रुपये

राज्य सरकार ने खरीदे गए गेहूं का भुगतान तेजी से करने पर विशेष ध्यान दिया है।

अब तक किसानों के खातों में कुल 20,680.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। इससे किसानों को बिचौलियों या भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा।

सरकार का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखी गई है ताकि किसानों को समय पर उनका पैसा मिल सके।

गेहूं का समर्थन मूल्य और बोनस

वर्ष 2026 के लिए किसानों को गेहूं पर आकर्षक मूल्य प्रदान किया गया है।

विवरणराशि
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)2585 रुपये प्रति क्विंटल
राज्य सरकार का बोनस40 रुपये प्रति क्विंटल
कुल भुगतान मूल्य2625 रुपये प्रति क्विंटल

यह मूल्य किसानों को बाजार में मिलने वाले कई स्थानों के भाव से बेहतर माना जा रहा है, जिससे अधिक किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेची।

गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाया गया

शुरुआत में केंद्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

हालांकि किसानों की अधिक भागीदारी और बेहतर उत्पादन को देखते हुए इस लक्ष्य को बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया।

यह निर्णय किसानों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे अधिक मात्रा में गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री की विशेष निगरानी में चल रही खरीद प्रक्रिया

राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री स्वयं गेहूं खरीद व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

वे विभिन्न खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर निम्न व्यवस्थाओं की जांच कर रहे हैं:

निरीक्षण के प्रमुख बिंदु

  • तौल व्यवस्था की स्थिति
  • बारदाने की उपलब्धता
  • किसानों के बैठने की व्यवस्था
  • पेयजल की उपलब्धता
  • भुगतान प्रक्रिया
  • खरीद केंद्रों की कार्यप्रणाली

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गेहूं खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाई गई

कई किसानों की मांग और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

जिन किसानों ने पहले से स्लॉट बुक कर रखा था, उनके लिए गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी गई है।

इस फैसले से उन किसानों को राहत मिली है जो किसी कारणवश निर्धारित समय तक अपनी उपज नहीं बेच पाए थे।

खरीद केंद्रों पर बढ़ाई गई सुविधाएं

गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार ने खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाएं

पेयजल की व्यवस्था

सभी प्रमुख खरीद केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया है।

छाया और विश्राम की सुविधा

लंबे समय तक प्रतीक्षा करने वाले किसानों के लिए छायादार स्थानों की व्यवस्था की गई है।

तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई

पहले जहां प्रत्येक केंद्र पर चार तौल कांटे लगाए जाते थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है।

इससे किसानों का इंतजार कम हुआ है और खरीद प्रक्रिया तेज हुई है।

तौल पर्ची जारी करने का समय बढ़ा

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तौल पर्ची जारी करने की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है।

पहले यह प्रक्रिया शाम 6 बजे तक संचालित होती थी, लेकिन अब इसे रात 10 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

इससे किसानों को लंबी कतारों और समय की कमी जैसी समस्याओं से राहत मिली है।

सप्ताह में छह दिन जारी है खरीद प्रक्रिया

सरकार ने खरीद कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सप्ताह में छह दिन खरीद संचालन जारी रखने का निर्णय लिया है।

इस व्यवस्था से खरीद केंद्रों पर दबाव कम हुआ है और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर मिल रहा है।

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए इसका क्या महत्व है?

गेहूं खरीद और समय पर भुगतान की यह व्यवस्था किसानों के लिए कई प्रकार से लाभकारी साबित हो रही है।

प्रमुख फायदे

  • किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है।
  • बाजार में कम कीमत मिलने की समस्या कम हुई है।
  • सरकारी खरीद से आय में स्थिरता आई है।
  • बोनस राशि से अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ है।
  • डिजिटल भुगतान से पारदर्शिता बढ़ी है।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

आने वाले समय में क्या उम्मीद की जा सकती है?

यदि वर्तमान गति से खरीद जारी रहती है तो मध्य प्रदेश 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद के लक्ष्य को भी पार कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में बेहतर खरीद व्यवस्था, समय पर भुगतान और बोनस जैसी सुविधाएं किसानों को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Conclusion

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद के क्षेत्र में किया गया कार्य किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 13 लाख से अधिक किसानों को 20,680 करोड़ रुपये का भुगतान और 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद राज्य की कृषि नीति की सफलता को दर्शाती है।

खरीद अवधि बढ़ाने, बोनस देने, भुगतान को तेज बनाने और खरीद केंद्रों पर सुविधाएं बढ़ाने जैसे कदम किसानों के हित में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। आने वाले दिनों में यह पहल प्रदेश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

FAQ

प्रश्न 1: मध्य प्रदेश में कितने किसानों से गेहूं खरीदा गया है?

अब तक 13 लाख 10 हजार से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है।

प्रश्न 2: किसानों के खातों में कितनी राशि भेजी गई है?

किसानों के बैंक खातों में कुल 20,680.83 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

प्रश्न 3: किसानों को गेहूं का कितना भाव मिला?

किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल MSP और 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान मिला।

प्रश्न 4: गेहूं खरीद की अंतिम तिथि क्या है?

स्लॉट बुक करने वाले किसानों के लिए खरीद अवधि बढ़ाकर 28 मई तक कर दी गई है।

प्रश्न 5: अब तक कितनी गेहूं खरीद हुई है?

राज्य में अब तक लगभग 95 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

प्रश्न 6: मध्य प्रदेश गेहूं खरीद में देश में किस स्थान पर है?

मध्य प्रदेश गेहूं खरीद के मामले में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। KisanDarpan.com पर प्रकाशित सामग्री विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, सरकारी सूचनाओं, समाचार रिपोर्टों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की जाती है। किसी भी योजना, भर्ती, अनुदान, सब्सिडी, कृषि सलाह या सरकारी सूचना से संबंधित अंतिम निर्णय लेने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिसूचना अवश्य देखें। KisanDarpan.com किसी भी प्रकार की त्रुटि, परिवर्तन या संभावित नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

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